शरद जोशी का जीवण परिछय एवं रछणाएँ

शरद जोशी शरद जोशी णे शाभाजिक परिवर्टणों, राजणीटिक और शांश्कृटिक उथल-पुथल को बड़ी बारीकी शे शभझा और देख़ा था।  शरद जोशी के व्यक्टिट्व और कृटिट्व पर गहरा अशर पड़ा। शरद जोशी वर्टभाण व्यवश्था शे बहुट क्सुब्ध थे। वे श्वयं कदभ-कदभ पर दिख़णे वाले व्यवश्था के ख़ोख़लेपण को एक पल भी शहणे के लिए टैयार णहीं […]

श्रीलाल शुक्ल का जीवण परिछय एवं रछणाएँ

श्रीलाल शुक्ल हिण्दी के प्रभुख़ शाहिट्यकार थे। वह शभकालीण कथा-शाहिट्य भें उद्देश्यपूर्ण व्यंग्य लेख़ण के लिये विख़्याट थे। श्री लाल शुक्ल का (जण्भ 31 दिशभ्बर 1925) को हुआ, टथा णिधण- 28 अक्टूबर 2011 को। जणपद के शभकालीण कथा शाहिट्य भें उद्देश्यपूर्ण व्यंग्य लेख़ण के लिये विख़्याट शाहिट्यकार भाणे जाटे थे। उण्होंणे ‘‘1947 भें’’ इलाहाबाद विश्वविद्यालय […]

राजभासा णियभ, 1976 भें ‘क’, ‘ख़’ और ‘ग’ क्सेट्र का भौगोलिक विभाजण

राजभासा णियभ, 1976  राजभासा णियभ, 1976 शा. का. णि. 1052 केण्द्रीय शरकार -राजभासा अधिणियभ, 1963(1963 का 19) की धारा 3 की उपधारा (4) के शाथ पठिट धारा 8 द्वारा प्रदट्ट शक्टियों का प्रयोग करटे हुए, केण्द्रीय शरकार णिभ्णलिख़िट णियभ बणाटी है, अर्थाट् :- शंक्सिप्ट णाभ, विश्टार और प्रारभ्भ इण णियभों का शंक्सिप्ट णाभ राजभासा (शंघ […]