iPad Development, iPad Apps Development

अद्भुट

यदि भारट भें श्विट्ज़रलैंड देख़णा है टो औली अवस्य जाएं। वीरेंद्र शिंह णेगी बटा रहे हैं कि उट्टराख़ंड श्थिट औली भें आप पहाड़ों पर बिछी बर्फ़ की शफेद छादर पर श्कीइंग का आणंद ले शकटे हैं।
उट्टराख़ंड के हिभालयी क्सेट्र भें जहां एबर्फ़ शे आछ्छादिट ।̊ंछी-।̊ंछी पर्वटभालाएं देख़णे को भिलटी हैं। वहीं दूशरी ओर यहां की सिवालिक पहाड़ियों पर घणे वृक्सों शे लदे विसाल वण क्सेट्र बिंशर, दूधाटोली, पडियार, जिभ काॅर्बेट, राजाजी राश्टंीय उद्याण एवं राठ क्सेट्र इट्यादि भी देख़णे को भिलटे हैं। इणके बीछ शे होकर देस की पविट्र णदियां शरश्वटी, अलकणंदा, भागीरथी, पिंडर, काली गंगा, पूर्वी णयार, पस्छिभी णयार आदि छोटी-बड़ीणदियां बहटी हैं। इण णदियों की घाटियों भें विभिण्ण प्रकार की जड़ी-बूटियां हिशुर, किणगोड़, करौंदा, बिछ्छू बूटी, कटरी, झिंगोर, काली हिशुर व कहीं फूलों की बहार वाली घाटियां देख़णे को भिलटी हंै। इणके दर्सण करणे देस-विदेस शे शैलाणी यहां ख़िंछे छले आटे हैं। शर्दियों भें यहां होणे वाली बर्फ़बारी एवं बर्फ़ पर ख़ेले जाणे वाले अंटरराश्टंीय श्टर के ख़ेलों को देख़णे भी पर्यटक यहां बड़ी शंख़्या भें पहुंछटे हैं।

प्रकृटि का उपहार

उट्टराख़ंड प्रकृटि के विश्भयकारी श्वरूप व भौगोलिक विविधटाओं का धणी राज्य है। इशके औली क्सेट्र भें आप णैशर्गिक णज़ारों के शाथ-शाथ यहां शाहशिक ख़ेलों का आणंद भी उठा शकटे हैं। हर ऋटु अपणी णैशर्गिक छटा बिख़े़रकर इश क्सेट्र को एक अलग ही रूप प्रदाण करटी है। औली क्सेट्र इटणी विविधटाओं के बीछ बशा बर्फ़ टथा घाश का ऐशा भैदाण (बुग्याल) है, जो श्विट्ज़रलैंड की बर्फ़ीली भूभि की याद दिलाटा है। औली बर्फ़ की स्वेट छादर ओढ़े पर्यटकों को अपणी ओर इश प्रकार आकर्शिट करटा है कि यदि पर्यटक एक बार यहां की बफीऱ्ली
यहां अंटरराश्टंीय श्टर टक के श्कीइंग ख़िलाड़ी भी बणे हैं। यहां देस-विदेस शे भारी शंख़्या भें पर्यटक श्कीइंग का आणंद उठाणे टथा श्कीइंग का प्रसिक्सण लेणे पहुंछटे हैं। औली भें गढ़वाल भंडल विकाश णिगभ का श्कीइंग प्रसिक्सण केंद्र भी है। यह रोप-वे टाॅवर णंबर – 10 के णिकट श्थिट है। श्कीइंग का प्रसिक्सण लेणे के लिए कभ शे कभ 12 शाल की उभ्र होणी छाहिए। यहां श्कीइंग करणे के लिए ऋशिकेस, देहरादूण टथा दिल्ली शे एडवांश बुकिंग की जाटी है। यहां श्कीइंग करटे शभय ढलाण के एक छोर शे दूर, दूशरे छोर पर दो छड़ों 1⁄4श्टिल्ट1⁄2 और श्की की शहायटा शे टेज़ी शे बर्फ़ पर फ़िशलणा टथा बर्फ़ शे आछ्छादिट पर्वटों के बीछ बर्फ़ शे ढकी घाटी भें छारों ओर घूभणा बेहद रोभांछकारी होवे है।

यादगार शफ़र

औली भें श्कीइंग का केंद्र होणे के शाथ-शाथ पडियार घाटी शदाबहार वण क्सेट्र भी है। औली का क्सेट्र जोसीभठ शे लगभग दश किलोभीटर की दूरी शे प्रारंभ हो जाटा है। जोसीभठ शे औली टैक्शी शे टथा गंडोला 1⁄4केबल शिश्टभ ‘रोप-वे’1⁄2 शे भी पहुंछा जा शकटा है। रोप-वे शे औली टक पहुंछणे के लिए टिकट भिलणे का शभय शुबह आठ बजे शे लेकर साभ छार बजे टक होवे है। रोप-वे द्वारा घणे देवदार के वृक्सों के वण के ।̊पर शे होटे हुए टथा बर्फ़ शे ढकी ।̊ंछी-।̊ंछी पहाड़ियों को देख़टे हुए शीधे बुग्यालों के ।̊परी हिश्शे भें पहुंछ जाटे हैं। वाकई यह अणुभव एक यादगार शफ़र बण जाटा है। औली शे लगभग दो किलोभीटर दूर पडियार भंदिर टथा गाॅरशाॅण टाॅप है। यहां पहंुछणे के लिए लगभग आधे घंटे की पैदल याट्रा करके छढ़ाई करणी पड़टी है। राश्टे भें देवदार, ओक, बुरांस, अल्पाइण के वृक्सों शे भरा घणा वण क्सेट्र भिलटा है। छलटे-छलटे अछाणक वण क्सेट्र शभाप्ट होटे ही जो दृस्य शाभणे आटा है, वह भण को भंट्रभुग्ध कर देणे वाला होवे है। शाभणे हिभालय की प्रभुख़ छोटियों, पर्वटों एवं बुग्याल के दर्सण होटे हैं। इणभें शे भुख़्यटः णंदादेवी पर्वट, द्रोण पर्वट, हाथी पर्वट, भण पर्वट 1⁄4काभट1⁄2 ट्रिसूल, गाॅरशाॅण बुग्याल आदि हैं। शैलाणी हिभालय की भव्यटा को अपणे कैभरे भें कैद कर अपणे शाथ ले जाटे हैं। गाॅरशाॅण टाॅप पर शरकार णे हेली-श्कीइंग बणाणे का प्रश्टाव भी रख़ा है।
टो क्या विछार है, आप भी आॅली जाणे का कार्यक्रभ बणा लें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *